तेल किस दिन लगाना चाहिए?

बालों में तेल किस दिन लगाना चाहिए? जानें सही दिन और ज्योतिष के नियम

बालों में तेल किस दिन लगाना चाहिए? जानें सही दिन और ज्योतिष के नियम

नमस्ते दोस्तों! क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे बड़े-बुजुर्ग हमेशा क्यों टोकते थे कि "आज ये दिन है, आज सिर में तेल मत लगाओ"? हम अक्सर अपनी बिजी लाइफ में किसी भी दिन, जब भी टाइम मिलता है, बालों में चंपी कर लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष और हमारे धर्म के अनुसार तेल लगाने का भी एक सही समय और दिन होता है?

बालों में तेल किस दिन लगाना चाहिए? जानें सही दिन और ज्योतिष के नियम

जी हाँ! सही दिन पर तेल लगाने से ना सिर्फ आपकी स्किन ग्लो करती है और बाल मजबूत होते हैं, बल्कि आपकी मानसिक शांति और किस्मत पर भी इसका गहरा असर पड़ता है। आज की इस पोस्ट में हम बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे कि आखिर वो कौन से दिन हैं जो तेल लगाने के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं, और किन दिनों में हमें तेल लगाने से बचना चाहिए।

1. सप्ताह के वो शुभ दिन जब तेल लगाना होता है बेहद फायदेमंद

अगर आप चाहते हैं कि तेल लगाने का आपको 100% फायदा मिले, तो आपको हफ्ते के इन तीन दिनों को अपने रूटीन में शामिल करना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार ये दिन आपके शरीर और ग्रहों, दोनों के लिए बेस्ट हैं:

  • सोमवार (Monday): सोमवार का दिन चंद्रमा का होता है। इस दिन सिर में तेल लगाने से चेहरे की चमक (सुंदरता) बढ़ती है, दिमाग एकदम शांत रहता है और हेल्थ अच्छी होती है।
  • बुधवार (Wednesday): बुधवार का संबंध बुध ग्रह से है, जो बुद्धि और लाभ (प्रॉफिट) का देवता है। अगर आप इस दिन तेल लगाते हैं, तो आपका फोकस बढ़ता है और काम में तरक्की मिलती है।
  • शनिवार (Saturday): शनिवार तो वैसे भी शनि देव का दिन है। इस दिन शरीर और बालों में सरसों का तेल लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे शरीर की थकान मिटती है और ग्रह दोष भी दूर होते हैं।

2. भूलकर भी इन दिनों में ना लगाएं तेल (वर्जित दिन)

जैसे कुछ दिन शुभ होते हैं, वैसे ही कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जब बालों या शरीर में तेल लगाना हमें नुकसान पहुंचा सकता है। इन दिनों में तेल लगाने से हमारी एनर्जी और भाग्य पर नेगेटिव असर पड़ता है।

  • रविवार (Sunday): संडे के दिन अक्सर छुट्टी होती है और हम आराम से तेल लगाकर बैठ जाते हैं। लेकिन मान्यताओं के अनुसार, रविवार सूर्य देव का दिन है और इस दिन सिर में तेल लगाने से बचना चाहिए। इससे सूर्य का तेज कम होता है।
  • व्रत और एकादशी: अगर आपका फास्ट है या एकादशी है, तो उस दिन तेल की मालिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। व्रत शरीर को शुद्ध करने के लिए होता है।
  • श्राद्ध और संक्रांति: जब सूर्य अपनी राशि बदलता है (संक्रांति) या पितृ पक्ष चल रहा हो, तब भी तेल लगाने की मनाही होती है।
  • सूतक काल: घर में किसी के जन्म या मृत्यु के बाद के सूतक काल में भी तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

3. तेल लगाते समय इन आध्यात्मिक बातों का रखें ध्यान

सिर्फ सही दिन चुनना ही काफी नहीं है, बल्कि तेल लगाते समय आपका 'मूड' कैसा है, यह भी बहुत मायने रखता है। तेल की मालिश को आयुर्वेद में एक थेरेपी माना गया है।

जब भी आप तेल लगाएं, तो सुबह-सुबह का समय चुनें। शीशी में से तेल निकालते वक्त मन में भगवान का ध्यान करें या कोई पॉजिटिव बात सोचें। इस तरह से तेल लगाने से आपके शरीर, मन और आत्मा तीनों को एक गजब की शांति मिलती है। नेगेटिविटी दूर होती है और आप पूरे दिन के लिए एकदम फ्रेश फील करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या हम रोज बालों में तेल लगा सकते हैं?

ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रोज तेल लगाना उचित नहीं है। सबसे अच्छे रिजल्ट्स के लिए सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शनिवार का दिन ही चुनें।

रविवार को सिर में तेल क्यों नहीं लगाना चाहिए?

रविवार भगवान सूर्य का दिन होता है। माना जाता है कि इस दिन सिर में तेल लगाने से सूर्य देव का प्रभाव कम होता है और शरीर की एनर्जी पर असर पड़ता है।

क्या एकादशी के व्रत में बालों में तेल लगा सकते हैं?

नहीं, एकादशी या किसी भी व्रत के दिन शरीर और बालों में तेल लगाने की मनाही होती है, क्योंकि यह समय शरीर की आंतरिक शुद्धि का होता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों, हमारे शास्त्रों और मान्यताओं में जो बातें बताई गई हैं, उनके पीछे गहरा अर्थ छिपा होता है। अगर हम अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी में इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें—जैसे सोमवार, बुधवार या शनिवार को ही तेल लगाना—तो हम न सिर्फ अपने बालों और स्किन का ख्याल रख सकते हैं, बल्कि अपने मन को भी शांत रख सकते हैं।

उम्मीद है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी। आपका तेल लगाने का रूटीन क्या है? नीचे कमेंट करके जरूर बताएं!

rashtra bandhu

मुझे हमेशा से अपना ज्ञान उन लोगों के साथ बांटना बहुत पसंद रहा है, जो सच में कुछ नया सीखने और जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। लेकिन मेरी अपनी कुछ सीमाएँ थीं—मैं बस गिने-चुने लोगों तक ही पहुँच पाता था। हालांकि, मैंने एक बात नोटिस की है कि हर किसी को दुनिया भर की अलग-अलग जानकारियों की तलाश रहती है—ताजा खबरें या फिर ऐसी जानकारी जो उन्हें हमेशा अपडेट रखे। जब मैंने इस तरह की जानकारियों को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँचाने का फैसला किया, तो मुझे ब्लॉगिंग का रास्ता मिल गया... और मेरा वो सफर आज भी जारी है।

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